जीएम संध्याकालीन महाविद्यालय,इचाक के द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कराया गया
जीएम संध्याकालीन महाविद्यालय,इचाक के द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
रंजीत कुमार, इचाक
जीएम संध्याकालीन महाविद्यालय,इचाक के द्वारा भूगोल विभाग के समसत्र-6 के कोर विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण को महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।भ्रमण का विषय पर्यावरण का अध्ययन प्राप्त करना था। जो नियमित शैक्षणिक भ्रमण को पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा माना गया है। किसी खुले स्थल पर स्वच्छ वातावरण के शैक्षणिक भ्रमण से नए अनुभव प्राप्त किए जाते हैं। इन भ्रमणों के माध्यम से ज्ञान,शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रुप से समझ पाते हैं। साथ ही समूह में रहने,कार्य करने तथा नायक बनने के गुणों का विकास होता है।यात्रा एवं भ्रमण ज्ञान अर्जन व सीखने का सबसे अच्छा माध्यम है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जीएम संध्याकालीन महाविद्यालय के समशत्र 6 के विद्यार्थियों को रांची एवं पतरातू डैम और घाटी के सैर पर ले जाया गया। जहां के मंदिर, झीलें, पार्कों, एवं सड़कों पर हो रहे पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। भूगोल शिक्षक रियाज अहमद एवं रितु कुमारी और दीपेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को पर्यावरण प्रदूषण, उसके कारणों एवं पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी और विद्यार्थियों ने उस पर एक रिपोर्ट तैयार किया। इस दौरान पाया गया कि पार्कों में, सड़कों पर एवं रेलवे स्टेशनों के आसपास प्लास्टिक एवं कूड़े-कचरे का ढेर लगा है। जो पर्यावरण को लगातार प्रदूषित कर रहा है,और विद्यार्थियों को बताया गया कि प्लास्टिक कभी गलने वाली वस्तु नहीं है, यह लंबे समय तक विषैली गैसें उत्सर्जित करता रहता है, जिससे मानव जाति एवं अन्य जीव-जंतुओं को बहुत ही खतरा है। अतः हम सभी को प्लास्टिक उपयोग से बचना होगा एवं पर्यावरण के प्रति सजग रखते हुए उसके संरक्षण की आवश्यकता है।

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